
हरिद्वार। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा जयपुर में अखिल भारतीय रूपक महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार ने तृतीय स्थान प्राप्त कर उत्तराखण्ड का गौरव बढाया है। महाविद्यालय के नाट्य-दल को माननीय कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी एवं कुलसचिव प्रो. आर. जी. मुरलीकृष्ण महोदय ने पुरस्कार प्रदान किया।
विदित हो कि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली सर्वप्रथम सम्पूर्ण देश में क्षेत्रीय स्तर पर नाट्य महोत्सव का आयोजन करता है। उसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिभाग करते हैं। इस वर्ष अखिल भारतीय नाट्य महोत्सव का आयोजन जयपुर में किया गया, जहाँ सम्पूर्ण देश से चयनित 17 नाट्य-दलों ने प्रतिभाग किया था। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने डॉ. निरञ्जन मिश्र लिखित ‘मर्त्यचातुर्यम्’ नाटक का मञ्चन कर दर्शकों को बहुत आह्लादित किया। यह नाटक हास्य रस से परिपूर्ण है।
छात्रों की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष प्रो. बिहारीलाल शर्मा व प्रभारी प्राचार्य डॉ. बी. के. सिंहदेव ने छात्रों को अपनी शुभकामानाएँ प्रदान करते हुए कहा कि छात्रों की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार अत्यन्त गौरवान्वित है।