
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार की प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष, श्री लाल बहादुर शास्त्री केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर डॉ. बिहारीलाल शर्मा को उत्तरप्रदेश की राज्यपाल महामहिम आनन्दीबाई पटेल ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. बिहारीलाल शर्मा ज्योतिष के प्रतिष्ठित विद्वान् हैं। आप कुशल प्रशासक भी है, इसलिए आपको श्री लालबहादुर शास्त्री केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने आईक्यूएसी डारेक्टर व चीफ प्रॉक्टर का दायित्व भी दिया था। प्रो. बिहारीलाल शर्मा के निर्देशन में अब तक 20 विद्यार्थी शोधोपाधि प्राप्त कर चुके हैं। प्रो. शर्मा ने ज्योतिष की 4 पुस्तकों के प्रणयन के अतिरिक्त अनेक ग्रन्थों का सम्पादन व अनेक रिसर्च जर्नल्स में शोधलेख प्रकाशित करवाये प्रो. शर्मा को देश के अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। मार्च 2022 में प्रोफेसर डॉ. बिहारीलाल शर्मा की कार्यकुशलता को देखते हुए ही उन्हें श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार की प्रबन्धसमिति का अध्यक्ष केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने बनाया है।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना एक शासकीय संस्कृत कॉलेज के रूप में सन् 1791 में हुई थी। यह संस्था समय के साथ-साथ अपना महत्त्व और प्रभाव बढाती रही। देश की आजादी के बाद सन् 1958 में इसे वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय के रूप में प्रोन्नत किया गया। सन् 1974 में विश्वविद्यालय का नाम सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय किया गया। उत्तरप्रदेश राज्य के समस्त संस्कृत महाविद्यालय इसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। प्रो. शर्मा के कुलपति बनने पर व आज कार्यभार ग्रहण करने पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और कर्मचारियों ने प्रो. शर्मा को अपनी हार्दिक शुभकामनाएॕ प्रदान की। प्रो. शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय के विकास के लिए हम सबने मिलकर प्रयास किया है और भविष्य में और अधिक करेंगे।
श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार की प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष प्रो. बिहारीलाल शर्मा बने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति ।
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार की प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष, श्री लाल बहादुर शास्त्री केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर डॉ. बिहारीलाल शर्मा को उत्तरप्रदेश की राज्यपाल महामहिम आनन्दीबाई पटेल ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. बिहारीलाल शर्मा ज्योतिष के प्रतिष्ठित विद्वान् हैं। आप कुशल प्रशासक भी है, इसलिए आपको श्री लालबहादुर शास्त्री केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने आईक्यूएसी डारेक्टर व चीफ प्रॉक्टर का दायित्व भी दिया था। प्रो. बिहारीलाल शर्मा के निर्देशन में अब तक 20 विद्यार्थी शोधोपाधि प्राप्त कर चुके हैं। प्रो. शर्मा ने ज्योतिष की 4 पुस्तकों के प्रणयन के अतिरिक्त अनेक ग्रन्थों का सम्पादन व अनेक रिसर्च जर्नल्स में शोधलेख प्रकाशित करवाये प्रो. शर्मा को देश के अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। मार्च 2022 में प्रोफेसर डॉ. बिहारीलाल शर्मा की कार्यकुशलता को देखते हुए ही उन्हें श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार की प्रबन्धसमिति का अध्यक्ष केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने बनाया है।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना एक शासकीय संस्कृत कॉलेज के रूप में सन् 1791 में हुई थी। यह संस्था समय के साथ-साथ अपना महत्त्व और प्रभाव बढाती रही। देश की आजादी के बाद सन् 1958 में इसे वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय के रूप में प्रोन्नत किया गया। सन् 1974 में विश्वविद्यालय का नाम सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय किया गया। उत्तरप्रदेश राज्य के समस्त संस्कृत महाविद्यालय इसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। प्रो. शर्मा के कुलपति बनने पर व आज कार्यभार ग्रहण करने पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और कर्मचारियों ने प्रो. शर्मा को अपनी हार्दिक शुभकामनाएॕ प्रदान की। प्रो. शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय के विकास के लिए हम सबने मिलकर प्रयास किया है और भविष्य में और अधिक करेंगे।