प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत और जापान के बीच राजनयिक सम्बंधों की स्थापना के 70 वर्ष हो जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। श्री मोदी ने आगे कहा कि हमारे सम्बंध हर क्षेत्र में प्रगाढ़ हुये हैं, चाहे वह रणनीतिक, आर्थिक सम्बंध हों या लोगों के बीच संपर्क। श्रृंखलाबद्ध […]
राष्ट्रीय
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर लोगों को बधाई दी
मन की बात की 88वीं कड़ी में प्रधानमंत्री का सम्बोधन-
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। नए विषयों के साथ, नए प्रेरक उदाहरणों के साथ, नए-नए संदेशों को समेटते हुए, एक बार फिर मैं आपसे ‘मन की बात’ करने आया हूँ। जानते हैं इस बार मुझे सबसे ज्यादा चिट्ठियाँ और संदेश किस विषय को लेकर मिली है? ये विषय ऐसा है जो इतिहास, वर्तमान और भविष्य तीनों से जुड़ा हुआ है। मैं बात कर रहा हूँ देश को मिले नए प्रधानमंत्री संग्रहालय की। इस 14 अप्रैल को बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म जयन्ती पर प्रधानमंत्री संग्रहालय का लोकार्पण हुआ है। इसे, देश के नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। एक श्रोता हैं श्रीमान सार्थक जी, सार्थक जी गुरुग्राम में रहते हैं और पहला मौका मिलते ही वो प्रधानमंत्री संग्रहालय देख आए हैं। सार्थक जी ने Namo App पर जो संदेश मुझे लिखा है, वो बहुत interesting है। उन्होंने लिखा है कि वो बरसों से न्यूज़ चैनल देखते हैं, अखबार पढ़ते हैं, सोशल मीडिया से भी connected हैं, इसलिए उन्हें लगता था कि उनकी general knowledge काफी अच्छी होगी, लेकिन, जब वे पी.एम. संग्रहालय गए तो उन्हें बहुत हैरानी हुई, उन्हें महसूस हुआ कि वे अपने देश और देश का नेतृत्व करने वालों के बारे में काफी कुछ जानते ही नहीं हैं। उन्होंने, पी.एम. संग्रहालय की कुछ ऐसी चीज़ों के बारे में लिखा है, जो उनकी जिज्ञासा को और बढ़ाने वाली थी, जैसे, उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री जी का वो चरखा देखकर बहुत खुशी हुई, जो, उन्हें ससुराल से उपहार में मिला था। उन्होंने शस्त्री जी की पासबुक भी देखी और यह भी देखा कि उनके पास कितनी कम बचत थी। सार्थक जी ने लिखा है कि उन्हें ये भी नहीं पता था कि मोरारजी भाई देसाई स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने से पहले गुजरात में Deputy Collector थे। प्रशासनिक सेवा में उनका एक लंबा career रहा था। सार्थक जी चौधरी चरण सिंह जी के विषय में वो लिखते हैं कि उन्हें पता ही नहीं था कि जमींदारी उन्मूलन के क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह जी का बहुत बड़ा योगदान […]