
हैदराबाद के मलकपेट स्थिति श्रीमद् दयानन्द वेदविद्यालय गुरुकुल में नवप्रविष्ट 16 विद्यार्थियों का आज वेदारम्भ संस्कार तथा उपनयन संस्कार कराया गया। चित्तौड़गढ़ से पधारे डॉ. सोमदेव शास्त्री ने यज्ञ के ब्रह्मत्व का पद ग्रहण कर यज्ञ को सुसम्पन्न कराया। हैदराबाद के प्रसिद्ध उद्योगपति सुधाकर गुप्ता नये ब्रह्मचारियों के पिता का दायित्व निभाया, जिन्होंने नवदीक्षित बालकों को आशीवाद प्रदान करते हुए बताया कि शिक्षा ही मानव को मानव बनाती है, इसलिए शिक्षा को पूर्ण परिश्रम के साथ सीखना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. विट्ल राव ने श्रावण मास को विद्या प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय बताया। इस अवसर पर बिजनौर उत्तरप्रदेश से आये भजनोपदेशक कुलदीप ने भजन सुनाकर उपस्थित जनसमुदाय को मन्त्रमुग्ध किया। आचार्या मैत्रेयी ने भी विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में अन्त में पण्डित हरिशंकर वेदालंकार ने उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं का धन्यवाद व आभार ज्ञापन किया। इस सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन आचार्य डॉ. धनंजय ने बहुत ही कुशलता के साथ किया, जिन्होंने बताया कि इसी वर्ष इस गुरुकुल का शुभारम्भ स्वामी प्रणवानन्द सरस्वती जी द्वारा काराया गया है। यह गुरुकुल निरन्तर अपने उन्नत स्वरूप को प्राप्त कर रहा है। इस मौके पर सोमनाथ, एस. वेदमित्र, कुलदीप, संजय आदि उपस्थित रहे।





