
एससीईआरटी दिल्ली द्वारा संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान (दिल्ली) के सहयोग से पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन देहरादून स्थित गुरुकुल पौन्धा में किया जा रहा है | कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्कृत के मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना है, जिनकी द्वारा संपूर्ण दिल्ली में 4000 से अधिक संस्कृत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा सके | 28 जून से 2 जुलाई तक चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षाविद तथा संस्कृतज्ञ प्रो. चांद किरण सलूजा, संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के डॉ मनमोहन शर्मा, डॉ लक्ष्मी नर्सिंग, डॉ टीकाराम, डॉ प्रेम प्रकाश द्वारा 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है| इस कार्यक्रम के अंतर्गत संस्कृत भाषा के चारों कौशलों की शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण प्रदान करना, संस्कृत शिक्षकों के लिए गतिविधि आधारित भाषा शिक्षण के अवसर प्रदान करना, भाषा शिक्षण का उच्च स्तरीय प्रस्तुतीकरण, चर्चा, समूह गतिविधि, प्रयोजना आधारित क्रियाकलाप इत्यादि माध्यमों से युक्त करना, मास्टर ट्रेनर्स की कोर टीम तैयार करना, जो नवाचारों, सूचना प्रौद्योगिकी, एक्शन रिसर्च, एरर एनालिसिस द्वारा शेष शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करेगी| इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सभी मास्टर ट्रेनर्स पूरी निष्ठा से संलग्न है | गुरुकुल का मनोरम वातावरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतिभागियों का परस्पर सामंजस्य पूर्ण व्यवहार इस कार्यक्रम आकर्षण है| कार्यक्रम का प्रारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ जिसका संचालन एससीईआरटी के नोडल ऑफिसर (इनसेट) डॉ वीरेंद्र पाठक तथा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ चंचल झा ने किया | उद्घाटन सत्र में गुरुकुल के प्राचार्य डॉ धनंजय शास्त्री, आचार्य यज्ञवीर, डॉ चांद किरण सलूजा, डॉ मनमोहन शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे | इसके पश्चात विभिन्न सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, संस्कृत के संदर्भ में उच्चारण एवं वाचन कौशल, मूल्यांकन, संस्कृत परिवेश का निर्माण, क्रियात्मक अनुसंधान इत्यादि विषयों का प्रशिक्षण दिया गया |



